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पटना में डिजिटल फिश आउटलेट्स: लाइव और फ्रोजन मछली होम डिलीवरी के साथ

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पटना में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग अप्रैल से 10 डिजिटल फिश आउटलेट्स खोलने जा रहा है। लाइव और फ्रोजन मछली के साथ मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप से होम डिलीवरी की सुविधा भी मिलेगी।

पटना: बिहार सरकार ने डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के माध्यम से शहर में 10 आधुनिक फिश आउटलेट्स खोलने का फैसला किया है। यह पहल अप्रैल महीने से शुरू होगी और पटना के प्रमुख क्षेत्रों में ताजगी और सुविधा का नया अनुभव प्रदान करेगी। इन आउटलेट्स में न केवल जिंदा मछलियां उपलब्ध होंगी बल्कि ग्राहक मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के जरिए घर बैठे ‘लाइव फिश’ ऑर्डर भी कर सकेंगे।

विभाग ने इन आउटलेट्स के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं और सरकारी अनुदान भी दिया जा रहा है, जिससे नए उद्यमियों के लिए यह अवसर और आकर्षक बन गया है।

घर पहुंचेगी आपकी पसंदीदा मछली

बिहार सरकार ने इस योजना को डिजिटल और स्मार्ट बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए एक मोबाइल ऐप विकसित किया जा रहा है, जिसमें गूगल मैपिंग सुविधा होगी। ग्राहक अपने नजदीकी आउटलेट को मैप पर देख सकेंगे और सीधे ऑर्डर प्लेस कर सकेंगे।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य मछुआरों और महिला स्वयं सहायता समूहों को सीधे बाजार से जोड़ना है। इससे उन्हें उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा और ग्राहकों को ताजी और मिलावट मुक्त मछली उपलब्ध होगी।

व्यवसाय के लिए सुनहरा अवसर

जो लोग खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह योजना 80 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान कर रही है।

नगर निगम क्षेत्र: आउटलेट स्थापित करने पर लगभग 15,000 रुपये की प्रारंभिक लागत।

नगर परिषद क्षेत्र: आउटलेट स्थापित करने पर 10,000 रुपये की शुरुआती लागत।

आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक लोग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।

पटना के प्रमुख इलाके पहले चरण में शामिल

पहले चरण में इन 10 प्रमुख इलाकों में आउटलेट्स खोले जाएंगे:

पाटलिपुत्र गोलंबर

गर्दनीबाग

चितकोहरा

कंकड़बाग टेंपो स्टैंड

मीठापुर मत्स्य भवन

मुसल्लहपुर

मछुआ टोली

अन्य चुनिंदा प्रमुख क्षेत्र

इन केंद्रों पर न केवल जिंदा मछलियों की सुविधा होगी बल्कि फ्रोजन मछली की भी व्यवस्था होगी।

बिहार में मत्स्य उत्पादन का रिकॉर्ड

सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी के अनुसार, बिहार मछली उत्पादन में देश के चौथे पायदान पर पहुंच चुका है। पिछली एक दशक में राज्य ने मत्स्य उत्पादन में 100 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

साल 2013-14: बिहार मछली उत्पादन में नौवें स्थान पर

वर्तमान: चौथे नंबर पर, सालाना 9.59 लाख मीट्रिक टन उत्पादन

इस योजना का उद्देश्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ बेहतर मार्केटिंग और होम डिलीवरी नेटवर्क तैयार करना है।

डिजिटल मार्केटिंग और ग्राहक सुविधा

मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के जरिए ग्राहक अपने नजदीकी आउटलेट का चयन कर सकते हैं और सीधे ऑर्डर कर सकते हैं। ऐप में लोकेशन ट्रैकिंग, ऑर्डर स्टेटस, और लाइव मछली का चयन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इस पहल से ग्राहक को ताजगी और सुविधा दोनों मिलेंगी और छोटे व्यवसायियों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा।

महिला और स्थानीय समुदाय के लिए अवसर

फिश आउटलेट्स के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्तिकरण का अवसर मिलेगा। वे सीधे मछुआरों और ग्राहकों से जुड़कर व्यवसाय चला सकेंगी।

इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा बल्कि ग्रामीण और महिला रोजगार में भी वृद्धि होगी।

निष्कर्ष

पटना में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की यह पहल डिजिटल, स्मार्ट और सुविधाजनक साबित होगी। लाइव मछली और फ्रोजन मछली के साथ मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप आधारित होम डिलीवरी से ग्राहक आसानी से ताजगी का आनंद ले सकेंगे।

सरकार की 80 प्रतिशत अनुदान योजना नए उद्यमियों और महिला समूहों के लिए अवसरों को और बढ़ा रही है। बिहार में मत्स्य उत्पादन के रिकॉर्ड को देखते हुए यह योजना उत्पादन और विपणन दोनों को मजबूत करेगी।

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